नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं। इसके चलते प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 22 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ और जलभराव के कारण प्रदेश में करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियों की ओर से प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्य जारी है। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
कई इलाकों में सड़कें और निचले क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रयागराज और वाराणसी में भी बढ़ी परेशानी
गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज के कई निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। वहीं वाराणसी में भी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्नाव में लोन नदी का पानी कई घरों तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अगले पांच दिन बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। अगले पांच दिनों के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दलों को भी जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है।














