भोपाल। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी अब राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से उम्मीदवार बनाए गए पुरी को राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एम. मुरुगन के त्यागपत्र के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव के लिए नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम की औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा पहुंचना तय हो गया। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हरदीप सिंह पुरी की ओर से अधिकृत भाजपा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल को रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक रामेश्वर शर्मा और भाजपा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इस निर्वाचन को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। दरअसल, केंद्रीय मंत्री डॉ. एम. मुरुगन के त्यागपत्र के बाद राज्यसभा की यह सीट रिक्त हुई थी। भाजपा ने इस सीट पर हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया था। नाम वापसी की निर्धारित समय सीमा दोपहर तीन बजे समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित कर दिया। किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में नहीं रहने के कारण पुरी निर्विरोध निर्वाचित हुए।
डॉ. एम. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के त्यागपत्र के बाद खाली हुई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम पर सहमति जताई और उन्हें उम्मीदवार घोषित किया। हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के बाद राजनीतिक गलियारों में इस उपचुनाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उनके निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने औपचारिक रूप से परिणाम घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंपने की प्रक्रिया पूरी की। राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व मिलने के बाद पुरी अब संसद के उच्च सदन में राज्य से जुड़े मुद्दों को भी उठा सकेंगे। भाजपा के लिए यह निर्वाचन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी ने एक केंद्रीय मंत्री को प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
हेमंत खंडेलवाल को सौंपा गया निर्वाचन प्रमाण पत्र
निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के बाद हरदीप सिंह पुरी की ओर से अधिकृत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त करने पहुंचे। रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा। इस दौरान मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक रामेश्वर शर्मा और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही राज्यसभा उपचुनाव की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया। भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने इस अवसर को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया। पार्टी संगठन के पदाधिकारियों ने पुरी के निर्विरोध निर्वाचन को लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए हेमंत खंडेलवाल को अधिकृत किया गया था।
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वह भारतीय प्रशासनिक और कूटनीतिक सेवाओं से जुड़े रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। पुरी ने भारत के विभिन्न देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के रूप में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर उनकी नियुक्ति रही है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। केंद्र सरकार में उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बाद में उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। इस मंत्रालय के तहत देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, प्राकृतिक गैस, ऊर्जा क्षेत्र की नीतियों और संबंधित बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण काम आते हैं। अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उनकी संसदीय भूमिका में राज्य का प्रतिनिधित्व भी शामिल हो गया है।
मध्य प्रदेश को राज्यसभा में मिलेगा नया प्रतिनिधित्व
हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन के बाद राज्यसभा में मध्य प्रदेश की ओर से एक नया प्रतिनिधि जुड़ गया है। राज्यसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व संसद की कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। यहां सदस्य अपने राज्यों से जुड़े विकास, आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाते हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है और पार्टी संगठन भी राज्य में सक्रिय है। ऐसे में एक केंद्रीय मंत्री का राज्यसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यसभा के सदस्य के रूप में पुरी संसद के उच्च सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे। साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की नीतियों और विधायी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम रहा उपचुनाव
राज्यसभा की इस रिक्त सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी थी। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राज्यसभा में किसी केंद्रीय मंत्री का किसी राज्य का प्रतिनिधित्व करना उस राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक तथा प्रशासनिक संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, किसी भी सांसद की वास्तविक भूमिका सदन में उनकी सक्रियता, उठाए गए मुद्दों और संसदीय कार्यों से तय होती है।फिलहाल हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन के साथ मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा की ओर से प्रमाण पत्र सौंपे जाने के बाद इस चुनाव का औपचारिक समापन हो गया। अब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।















