संवाददाता- जाकिर अली
गोरखपुर। जनपद की कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ; कौस्तुभ के कुशल निर्देशन मे पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में एक विशाल मॉक दंगा नियंत्रण अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की तत्परता, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का परीक्षण करना था।
रणनीति और प्रशिक्षण पर जोर अभ्यास की शुरुआत एक विशेष ब्रीफिंग सत्र से हुई, जिसमें पुलिस कर्मियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की बारीकियों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक अशांति की स्थिति में पुलिस का व्यवहार न केवल सख्त, बल्कि संयमित और अनुशासित होना चाहिए। आधुनिक उपकरणों का हुआ व्यावहारिक प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान पुलिस कर्मियों ने दंगाइयों से निपटने की विभिन्न तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य रूप से,
गैर-घातक हथियारों का उपयोग; आंसू गैस के गोले और अन्य सुरक्षा उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल का प्रशिक्षण। फॉर्मेशन प्रबंधन; भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अलग-अलग फॉर्मेशन और रणनीतियों का अभ्यास। नियंत्रित फायरिंग; अधिकृत हथियारों के सटीक और प्रभावी उपयोग के लिए फायरिंग ड्रिल का आयोजन। टीम वर्क और त्वरित निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं मैदान में मौजूद रहकर पूरी ड्रिल की निगरानी की। अभ्यास के दौरान उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में टीम वर्क और संचार कौशल पर विशेष बल दिया गया, ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी पुलिस बल बिना किसी भ्रम के स्थिति को नियंत्रित कर सके। अधिकारियों की उपस्थिति इस महत्वपूर्ण ड्रिल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पुलिस जनसुरक्षा और विधिक प्रावधानों के अनुपालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) प्रतिसार निरीक्षक (RI) तथा जनपद के अन्य राजपत्रित अधिकारी एवं भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।















