फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर पुलिस चौकी के पीछे रहने वाली महिला हसीना बानो पत्नी हबीबउद्दीन उर्फ बिक्कन के घर पर 25 दिसंबर 2025 को रात दस बजे मोहम्मद शमी पुत्र स्वर्गीय समीर, नदीम व मोहम्मद सलीम उर्फ भोली पुत्रगण मोहम्मद शमी, रफीक उर्फ लल्लू पुत्र स्व0 तसव्वर, मोहम्मद खालिद उर्फ बाबूजी व मोहम्मद आमिर उर्फ चांद बाबू पुत्रगण रफीक एवं फरहान पुत्र स्वर्गीय पप्पू निवासीगण आबूनगर प्रांशी नर्सिंग होम के पास व 4-5 अज्ञात साथियों के साथ अपने अपने हाथों मे लाठी डंडा, सरिया व तमंचा लेकर गाली गलौज करते आवेदिका के घर मे जबरन घुस आये और उसके पुत्र अमजद पर जान से मारने की नियत से फायर किया जो मिस हो गया। सभी ने लाठी डंडा व सरिया से अमजद के सिर व शरीर में कई वार किये। बचाने आए पति हबीबउद्दीन उर्फ़ बिक्कन को भी मारा। शोर सुनकर मोहल्ले के तमाम लोग आ गए तो सभी लोगों जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। भागने मे आरोपियों को भी चोटे आयी थी। पुलिस ने आरोपियों की एफआईआर दर्ज कर ली थी परन्तु आवेदिका की एफआईआर पुलिस द्वारा न लिखें जाने पर आवेदिका ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान एडवोकेट व साथी अधिवक्ता शोएब खान एडवोकेट के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर सुनवाई के दौरान आवेदिका के वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान व साथी अधिवक्ता शोएब खान एडवोकेट ने इस घटना को क्रास केस होना बताया और सर्वाेच्च न्यायालय की विधि व्यवस्थाएं प्रस्तुत कीं। क्रास केस की घटना की भी एफआईआर लिखें जाने को आवश्यक बताते हुए जोरदार तर्क प्रस्तुत किये। जिन्हे सुनने व विचार में लेने के बाद मुख्य न्यायिक मज़िस्ट्रेट आशुतोष सेकेण्ड ने प्रकरण मे अभियोग पंजीकृत कर विवेचना किये जाने का आदेश पारित किया।















