- छह मृत श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी किया जा रहा लाभान्वित
हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान गिरने की दुर्घटना की जांच तेज हो गई है। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि घटना की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए जिला प्रशासन एवं उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा अलग-अलग तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। दोनों समितियां हादसे के तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृत श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (पी-5 से पी-6) के गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि दुर्घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं। यह समिति घटना से जुड़े सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही है। समिति के सदस्यों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और आवश्यक साक्ष्यों का संकलन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने भी तकनीकी परीक्षण और विशेषज्ञ जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की गहन समीक्षा करेगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूनों की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि इस दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, तकनीकी रिपोर्ट तथा दोनों समितियों की आख्या के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के लिए जो भी व्यक्ति अथवा संस्था जिम्मेदार पाई जाएगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना में जान गंवाने वाले छह श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य से जुड़ी फर्म मैसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है। दो पात्र परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30-30 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता तथा स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता को निराश्रित महिला पेंशन योजना से लाभान्वित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं स्वर्गीय राजेश पाल की दो पुत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास योजना, स्वच्छ शौचालय योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है तथा सभी पात्र परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।















