*अभिनंदन मोर्चा – जाकिर अली संवाददाता*
गोरखपुर। चुनावी बिगुल बजते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और दावों का दौर चरम पर पहुँच गया है। बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के अंदाज़ में अपनी बात रखते हुए स्थानीय नेता शानू खान यूथ लीडर उत्तर प्रदेश पतंग के हुए सब साथी विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि अब मुस्लिम समाज किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है और आगामी चुनावों में पतंग’ की उड़ान विरोधियों के होश उड़ा देगी। हक और इंसाफ की जंग शानू खान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दशकों से अल्पसंख्यकों को सिर्फ ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया गया है, लेकिन अब समाज अपने असली रहनुमा की पहचान कर चुका है। उन्होंने कहा, ओवैसी साहब ने जिस निडरता से संसद से लेकर सड़क तक कौम की आवाज़ बुलंद की है, उसका नतीजा है कि आज बच्चा-बच्चा एमआईएम के साथ खड़ा है। विरोधियों के खेमे में खलबली चुनावी समीकरणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होना तय है। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियां सिर्फ डर दिखाकर वोट लेना चाहती हैं, जबकि एमआईएम हिस्सेदारी की बात करती है। शानू खान का यह बोल्ड’ अंदाज क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और माना जा रहा है कि इस बयान से ध्रुवीकरण की राजनीति में नया मोड़ आएगा। न झुकेंगे, न डरेंगे, अब हक लेंगे एमआईएम के मीडिया प्रभारी ने ओवैसी के मशहूर तेवरों को दोहराते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ हार-जीत का नहीं, बल्कि वजूद की लड़ाई है। मुस्लिम समाज का एक-एक वोट एमआईएम के खाते में जाएगा, जिससे दिल्ली और लखनऊ की सत्ताओं को समाज की ताकत का एहसास होगा। वजूद की लड़ाई, शानू खान ने एमआईएम को बताया समाज की एकमात्र उम्मीद।
वोट बैंक की राजनीति खत्म! विपक्षी दलों पर जमकर बरसे स्थानीय नेता।
चुनावी समीकरण, दावों से हिला राजनीतिक गलियारा।















