कानपुर देहात। भाल गांव में रविवार को तेज आंधी के दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी ने दो गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ गए थे। गरीब परिवारों की मदद के लिए गांव निवासी युवा फौजी ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। युवा फौजी ने युवाओं की टीम के साथ आपस में चंदा इकठ्ठा कर गरीब परिवारों की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दोनों आगजनी से पीड़ित परिवारों को साढ़े सत्रह – सत्रह हजार की धनराशि सौंपी है। भाल निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी साधना देवी रविवार रात करीब 8 बजे चूल्हे पर खाना बना रही थी। अचानक तेज आंधी चलने से चूल्हे की चिंगारी से ऊपर रखे छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे कच्चे मकान को चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक गरीब का गृहस्थी का सामान, गेहूं , पशुओं का भूसा, कपडे़, साइकिल सहित करीब एक लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। वही आग की लपटों से
साधना के परिवार के ही विकास सिंह के घर भी आग लगने से गृहस्थी का सामान पशुओं का भूसा व खाने पीने का सामान और कपड़े जल गये थे। अग्निकांड पीड़ित हरिश्चंद्र गुजरात में मजदूरी करते हैं। पत्नी साधना छोटे बच्चों के साथ गांव में रहकर खेतों में मजदूरी करती है। आग लगने के समय घर में मौजूद बच्चों ने दौड़कर अपनी जान बचाई। साधना देवी ने बताया कि आग से गृहस्थी अनाज व खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया था। गांव निवासी युवा फौजी उत्कर्ष द्विवेदी ने अग्नि पीड़ितों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। उत्कर्ष ने गांव के कुछ युवाओं के साथ अग्निकांड से पीड़ित परिवारों के लिए चंदा जुटाया। वृहस्पतिवार को युवाओं की टीम ने दोनों अग्निकांड से पीड़ित परिवारों को साढ़े सत्रह- साढ़े सत्रह हजार की आर्थिक मदद की। युवाओं ने पीड़ित परिवार को गृहस्थी का सामान मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया है। युवाओं की टीम में सूरज सिंह, प्रदीप सिंह, मोहित सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गोपेश्वर त्रिपाठी मौजूद रहे।















