*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर शनिवार को फातिमा हॉस्पिटल, द्वारा फातिमा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के ऑडिटोरियम में एक भव्य जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को पहुँचाना और नियमित रूप से रक्तदान करने वाले सजग नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ फातिमा अस्पताल की टीम द्वारा प्रस्तुत एक सुमधुर प्रार्थना गीत से हुआ। इसके बाद अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फातिमा अस्पताल के निदेशक फा. डॉ. संतोष सेबास्टियन ने कहा,रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। हमारा एक यूनिट रक्त किसी ज़रूरतमंद के लिए जीवन का आधार बन सकता है। सभी स्वस्थ नागरिकों को आगे आकर नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि फातिमा अस्पताल समाज में जीवनरक्षा और सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए भविष्य में भी निरंतर ऐसे पुनीत कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं: प्रो. त्रिपाठी समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के पूर्व कुलपति प्रो. श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान ने चाहे जितनी प्रगति कर ली हो, लेकिन रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं बनाया जा सकता। इसे केवल एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएँ, ताकि समय पर अनेक बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके। नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश कार्यक्रम के दौरान विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में केक कटिंग की गई। इसके साथ ही कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा एक शानदार नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से समाज में रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। प्रयोगशाला एवं ब्लड बैंक विभाग की एचओडी डॉ. दिव्या राय ने सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान की सराहना की। इस अवसर पर नियमित रक्तदाताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन श्री नवीन यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। 3 दशकों से स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी है फातिमा हॉस्पिटल गौरतलब है कि वर्ष 1995 में स्थापित फातिमा अस्पताल पिछले तीन दशकों से आसपास के क्षेत्रों में अपनी विश्वसनीय सेवाएं दे रहा है। यह अस्पताल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY), भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), पूर्वोत्तर रेलवे, एच.ए.एल (HAL), एन.टी.पी.सी. (NTPC), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) गोरखपुर और माननीय मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष, उत्तर प्रदेश आदि से इम्पैनल्ड (संबद्ध) है। अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, अत्याधुनिक ब्लड बैंक, फार्मेसी, सीटी स्कैन और एम्बुलेंस की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं।















