फतेहपुर। आजाद भारत में भृष्ट सिस्टम से आजादी के लिये संघर्ष करनेवाला क्रांतिवीर भरत भूषण तिवारी क्रूर भृष्ट सरकार को ललकारते हुए निः शस्त्र आत्म समर्पण होते हुए बलिदान हो गया। भरत तिवारी का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। उसका बलिदान क्रांति बीज बो गया। भारत माँ की सेवा में शहीद भरत तिवारी आजाद भारत का भगत सिंह है वह अमर हो गया। शहीदे आजम भगत सिंह ने अंग्रेजों से फांसी की सजा की माफ़ी मांगने से इंकार करते हुए कहा था मुझे भारत माँ के लिये फांसी नहीं बल्कि बीच चौराहे गोलियों से ब्रिटिश सरकार छलनी करे तब मुझे खुशी होगी। भृष्ट सिस्टम के खिलाफ भारत माँ के लाडले भरत तिवारी को खुले सजीव चित्रण में भ्र्स्ट सरकार ने आत्म समर्पण के बाद भी गोलियों से भून दिया और उन्होंने गोली मारने के लिये अहिंसात्मक संग्राम भी किया। बलिदानी क्रांतिवीर भरत तिवारी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, जय हिंद















