फतेहपुर । अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस (26 जून) के उपलक्ष्य में संचालित विशेष जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत राम सनेही मेमोरियल हॉस्पिटल, फतेहपुर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिप्टी सीएमओ डॉ राजेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज के लिए एक गभीर चुनौती है तथा इससे बचाव के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती शक्ति अवस्थी रहीं। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज के समक्ष एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती बनकर उभर रहा है। विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति परिवार, समाज एवं राष्ट्र के विकास के लिए चिताजनक है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक, परिवार एवं संस्थान को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। श्रीमती अवस्थी ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं को भी जन्म देता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें तथा नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने में सहयोग दें। कार्यक्रम के दौरान श्री पुनीत कुमार श्रीवास्तव रीजनल को आर्डिनेटर यू०पी०वी०एच०ए० लखनऊ ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस समाज को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों एवं उनकी अवैध तस्करी से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के निर्माण में स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जागरूकता, परामर्श एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियत्रण पाया जा सकता है। तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई, जिसमे स्वय नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम मे चिकित्सालय के नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्य कर्मियों सक्रिय सहभागिता की। अशीष कुमार, साइकिस्ट नर्सिंग आफिसर, सतीश कुमार वार्ड असिस्टेंट (मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम) उपस्थित रहे।















