• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Thursday, April 16, 2026
अभिनन्दन मोर्चा
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Paper / E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Paper / E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
अभिनन्दन मोर्चा
No Result
View All Result

*चंद्रचूड़ की काली छाया से मुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट को पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज कर देना चाहिए- शाहनवाज़ आलम

News-Desk by News-Desk
October 2, 2025
in लखनऊ
0
*चंद्रचूड़ की काली छाया से मुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट को पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज कर देना चाहिए- शाहनवाज़ आलम

 

*क्यूरेटिव याचिका को स्वीकार कर सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद फैसले पर अपना कलंक मिटा सकता है

READ ALSO

*घरेलु कलह के चलते विवाहिता ने की आत्महत्या*

35 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक श्री राजेश शुक्ला सेवानिवृत्त, भावुक माहौल में भव्य विदाई

लखनऊ, 2 अक्टूबर 2025. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर मदन जी मोहन गोपाल के पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा बाबरी मस्जिद फैसले पर की गयीं टिप्पणीयों के आधार पर क्यूरेटिव याचिका दायर किए जाने के सुझाव का समर्थन किया है. शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के न्यायिक इतिहास का सबसे बड़ा कलंक था जहां तथ्यों के बजाये आस्था के आधार पर फैसला दिया गया. सबसे अहम कि मुकदमा ज़मीन के टुकड़े की मिल्कीयत का था और फैसला मंदिर-मस्जिद बनाने का दे दिया गया जिसकी मांग ही किसी पक्ष ने नहीं की थी. उन्होंने कहा कि डीवाई चंद्रचूड़ का अपने हालिया इंटरव्यूज़ में यह स्वीकार करना कि वो मानते हैं कि बाबरी मस्जिद का निर्माण मंदिर तोड़कर किया गया था सुप्रीम कोर्ट के फैसले में उद्धरित तथ्यों के खिलाफ़ है. क्योंकि उस फैसले में यह कहीं नहीं लिखा है कि बाबरी मस्जिद मंदिर तोड़ कर निर्मित की गयी थी. ऐसे में यह क्यूरेटिव याचिका दायर करने का उपयुक्त आधार है. जिससे सुप्रीम कोर्ट अपनी गलती को सुधार कर न्यायपालिका में लोगों के भरोसे को फिर से बहाल करने के साथ ही अपने माथे पर लगे कलंक को भी साफ़ कर सकता है. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अदालत की यह ज़िम्मेदारी होती है कि वो अपने फैसले से लोगों में भरोसा पैदा करे कि उनके साथ न्याय हुआ है. ख़ासकर उन लोगों में जिनके पक्ष में फैसला नहीं आया है. बाबरी मस्जिद के फ़ैलले में सुप्रीम कोर्ट यह भरोसा दोनों ही पक्षों को दिला पाने में विफल था. मुस्लिम पक्ष इसे तथ्यों के बजाये बहुसंख्यकों के आस्था पर आधारित फैसला मानता है तो वहीं विजेता पक्ष ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री और भाजपा को दे कर साबित कर दिया कि फैसला न्यायिक नहीं राजनीतिक जीत है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को क्यूरेटिव याचिका पर न्यायिक और तथ्य आधारित फैसला देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह भी आश्चर्य की बात है कि 8 नवम्बर 2019 को दिए गए इस फैसले की समीक्षा के लिए डाली गयी सभी 18 याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2019 को एक ही दिन में एक ही साथ कथित मेरिट के आधार पर ख़ारिज करने की जल्दबाज़ी क्यों दिखाई थी? इससे भी अहम सवाल कि जिन पांच जजों- एसए बोबड़े, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण, एसए नज़ीर और संजीव खन्ना की बेंच ने इन याचिकाओं को ख़ारिज किया उनमें से संजीव खन्ना के अलावा सभी मूल फैसला सुनाने वाली बेंच के सदस्य थे. क्या यह कहीं से भी तार्किक कहा जा सकता है कि जज अपने ही फैसलों की समीक्षा के लिए कोई याचिका स्वीकार कर लेंगे? कांग्रेस नेता ने कहा कि आरएसएस ने अपने तीनों बुनियादी एजेंडों- राम मंदिर, धारा 370 और यूनिफार्म सिविल कोड मामलों में न्यायपालिका के भ्र्ष्ट जजों के सहयोग से ही सफलता पायी है. इसमें से भी पहले दोनों का श्रेय चंद्रचूड़ को ही जाता है. यह भी याद रखने की ज़रूरत है कि चंद्रचूड़ जी ने ही 370 पर समीक्षा याचिकाओं की सुनवाई को कथित मेरिट के आधार पर ख़ारिज कर दिया था. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इसीतरह यूनिफार्म सिविल कोड मुद्दे पर भी सरकार ने 21 वें लॉ कमीशन की बात नहीं मानी जिसने यूनिफार्म सिविल कोड का विरोध किया था. उसने उसके कार्यकाल बीत जाने के लम्बे समय बाद अपनी विचारधारा के अनुकूल हिजाब के खिलाफ़ फैसला देने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व जज ऋतू राज अवस्थी को लॉ कमीशन का प्रमुख बनाया तो वहीं हिंदुत्व की फैक्ट्री से निकले ‘लव जेहाद’ शब्द को क़ानूनी मान्यता देने वाले केरल हाईकोर्ट के जज केटी संकरण को इसका सदस्य बनाया. यह आश्चर्य की बात नहीं कि 22 वें लॉ कमीशन ने यूसीसी का पक्ष लिया और सरकार उसके आधार पर ही इसे लाने की बात कर रही है. जिससे साबित होता है कि आरएसएस का कोई भी अजेंडा न्यायिक दृष्टि से स्वाभाविक नहीं है. इसीलिए उसे जजों जो मैनेज करना पड़ता है. उन्होंने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अशुभ परछायी से अपने को मुक्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से पूजा स्थल अधिनियम को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को तत्काल ख़ारिज कर देने की भी अपील की है.

Tags: #Chandrachud#CourtPet#LegalDebate#PujaSthalAdhiniyam#ShahnawazAlam#SupremeCourt

Related Posts

*घरेलु कलह के चलते विवाहिता ने की आत्महत्या*
लखनऊ

*घरेलु कलह के चलते विवाहिता ने की आत्महत्या*

April 10, 2026
35 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक श्री राजेश शुक्ला सेवानिवृत्त, भावुक माहौल में भव्य विदाई
लखनऊ

35 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद वरिष्ठ शिक्षक श्री राजेश शुक्ला सेवानिवृत्त, भावुक माहौल में भव्य विदाई

April 1, 2026
“एलडीए का ‘जादुई पाउडर’: सील टूटी नहीं, इमारत खुद खड़ी हो गई!”
लखनऊ

“एलडीए का ‘जादुई पाउडर’: सील टूटी नहीं, इमारत खुद खड़ी हो गई!”

March 26, 2026
लखनऊ में सुन्नी-शिया एकजुटता की पहल, खामनेई की शहादत पर जताया गया शोक
लखनऊ

लखनऊ में सुन्नी-शिया एकजुटता की पहल, खामनेई की शहादत पर जताया गया शोक

March 15, 2026
ईको गार्डन में अति पिछड़ों के अलग आरक्षण व रोजगार को लेकर ध्यानाकर्षण कार्यक्रम
लखनऊ

ईको गार्डन में अति पिछड़ों के अलग आरक्षण व रोजगार को लेकर ध्यानाकर्षण कार्यक्रम

March 10, 2026
दो अलग अलग सड़क हादसों में माँ बेटा गंभीर रूप से घायल
लखनऊ

दो अलग अलग सड़क हादसों में माँ बेटा गंभीर रूप से घायल

August 10, 2025
Next Post
जिलाधिकारी के आदेश के बाद अहंकारी रावण के पुतले का हुआ दहन

जिलाधिकारी के आदेश के बाद अहंकारी रावण के पुतले का हुआ दहन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन का सड़क हादसे में हुआ निधन पत्रकारों में शोक की लहर

वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन का सड़क हादसे में हुआ निधन पत्रकारों में शोक की लहर

March 5, 2025
भारत-चीन सैन्य-स्तरीय वार्ता 16 घंटे तक चली, तीन क्षेत्रों से सेना की वापसी पर चर्चा

भारत-चीन सैन्य-स्तरीय वार्ता 16 घंटे तक चली, तीन क्षेत्रों से सेना की वापसी पर चर्चा

July 22, 2023

आइएएस अश्विनी कुमार पांडेय के कार्यो की ग्रामीण कर रहे हैं तारीफ

July 22, 2023
सफलता की गाथा

सफलता की गाथा

February 25, 2025
अखिलेश ने गुलाम अली से मुलाकात की, कहते हैं कि कला और कलाकारों को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए

अखिलेश ने गुलाम अली से मुलाकात की, कहते हैं कि कला और कलाकारों को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए

July 22, 2023

EDITOR'S PICK

टैक्स चोरी के खिलाफ वाणिज्य कर का अभियान, वसूले 39.88 लाख

टैक्स चोरी के खिलाफ वाणिज्य कर का अभियान, वसूले 39.88 लाख

July 22, 2023
फर्जी ‘पीएमओ ऑफिसर‘ आखिरकार पहुंच गया जेल

फर्जी ‘पीएमओ ऑफिसर‘ आखिरकार पहुंच गया जेल

July 22, 2023
बंगाल के शहर में 3 दिनों में 200 से अधिक कुत्तों को मृत पाया गया

बंगाल के शहर में 3 दिनों में 200 से अधिक कुत्तों को मृत पाया गया

July 22, 2023
डेनिएल्स बन रहीं हैं, ट्रंप के लिए समस्या

डेनिएल्स बन रहीं हैं, ट्रंप के लिए समस्या

July 22, 2023

About Us

हमारे बारे में - अभिनन्दन मोर्चा
अभिनंदन मोर्चा एक विश्वसनीय और निष्पक्ष समाचार प्लेटफॉर्म है, जो आपको ताज़ा खबरें, विश्लेषण और समसामयिक घटनाओं की सटीक जानकारी प्रदान करता है। हम सत्य, पारदर्शिता और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों पर कार्य करते हैं। हमारा उद्देश्य समाज को जागरूक बनाना और निष्पक्ष समाचारों के माध्यम से सशक्त बनाना है।

सत्य की खोज, निष्पक्षता की पहचान!
abhinandanmorcha@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Paper / E-Magazine
  • अजमेर
  • अन्य
  • अमृतसर:
  • उज्जैन
  • उत्तर प्रदेश
  • कानपुर
  • कोरबा
  • गुजरात
  • गोरखपुर
  • जहानाबाद
  • झारखंड
  • देश
  • धाता
  • नई दिल्ली
  • नयी दिल्ली
  • नोएडा
  • प्रयागराज
  • फतेहपुर
  • बांदा
  • बिंदकी
  • मिर्जापुर
  • मुंब्रा
  • रामपुर
  • रायबरेली
  • लखनऊ
  • लखीमपुर खीरी
  • लहरपुर
  • वाराणसी
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष
  • शाहबाद
  • सीतापुर
  • हथगाम
  • हमीरपुर
  • हरदोई

Our Visitors

263403
Total Visitors
2138
Visitors Today

Recent Posts

  • गोल्डन लायनेस क्लब ‘प्रेरणा’ की नई कार्यकारिणी घोषित, सेवा और सम्मान का हुआ संगम April 16, 2026
  • *मुख्यमंत्री के शहर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बैंडेज तक की व्यवस्था नहीं।* April 16, 2026
  • *व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक में जन उद्योग व्यापार मण्डल ने व्यापारीयो एवं जनहित के मुद्दे उठाए* April 16, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Paper / E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Abhinandan Morcha by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Paper / E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Abhinandan Morcha by RA.Tech (7985291626)