चौडगरा, फतेहपुर। मलवा विकास खंड के मवैईया गांव स्थित नाबार्ड के द्वारा प्रायोजित कृषि विभाग के संस्थान उत्कर्ष फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड परिसर में क्षेत्रीय किसानों की मिट्टी का परीक्षण करने के लिए इफको के द्वारा सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला बस पहुंची।जिसमें किसानों के खेतों की मिट्टी को लेकर के परीक्षण करके उनकी मिट्टी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई।लैब टेक्नीशियन पवन कुमार शर्मा लैब असिस्टेंट श्री कृष्ण द्विवेदी और संतोष कुमार त्रिपाठी की टीम ने मिलकर 60 किसानो की मिट्टी का परीक्षण किया गया। जहां मृदा परीक्षण की जांच के बाद पता चला कि किसानो के खेत के मृदा अस्वस्थ हो गई है। जीवांश कार्बन का स्तर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है जो बहुत ही चिंता की बात है। यहां पर मृदा परीक्षण करने वाले अधिकारियों ने बताया कि यूरिया और डीएपी का उपयोग धीरे-धीरे काम करके किसान नेनो यूरिया का उपयोग करें और जैविक खेती की ओर बड़े तो उसकी मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनी रहेगी और मिट्टी स्वस्थ हो जाएगी।यहां पर उत्कर्ष फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ हरिकृष्ण अवस्थी ने किसानों से जैविक खेती की ओर रुख करने की बात कही इफको के क्षेत्राधिकारी फतेहपुर साजिद अंसारी उपमहाप्रबंधन विपणन एके सिंह, अरविंद कुमार सहित मवैईया कोरसम जलाला शाहजहांपुर बनियान खेड़ा बरेठर अलीपुर पहुर आदि गांवों के किसान उपस्थित रहे।















