-धान तौल में गड़बड़ी के आरोप, बिचौलियों की भूमिका पर उठे सवाल
-किसानों ने डीएम और मुख्यमंत्री से शिकायत की दी चेतावनी
असोथर, फतेहपुर। मंडी समिति असोथर में एडीएम अविनाश त्रिपाठी और डिप्टी आरएमओ समीर कुमार शुक्ला ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में हजारों कुंटल धान खुले में पड़ा देखकर अधिकारी भड़क गए। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण में पाया गया कि कई किसान बार-बार अपना धान लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन तौल प्रक्रिया सुचारु न होने से धान के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पर डिप्टी आरएमओ समीर कुमार शुक्ला ने ऐसे किसानों को चिन्हित करने और मंडी परिसर में पड़े सभी धान का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि छोटे किसानों को प्राथमिकता देते हुए तौल कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने भी किसानों की धान तौल की सत्यापन प्रति अनिवार्य रूप से रखने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना सत्यापन प्रति के किसी भी किसान को मंडी परिसर में प्रवेश न दिया जाए। वहीं एसएमआई अखिलेश यादव द्वारा किसानों पर दबाव बनाने और ट्रांसफर कराने की बात पर एडीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे किसानों को चिन्हित कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। उधर मौके पर मौजूद किसान ननकई, विशेषर, प्रदीप, रविदेव और दीपू ने आरोप लगाया कि मंडी में उनकी तौल नहीं की जा रही है और बिचौलियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय से तौल शुरू नहीं हुई तो वे डीएम और मुख्यमंत्री से शिकायत करने को मजबूर होंगे। निरीक्षण के बाद एडीएम ने मंडी समिति अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों की सख्ती के बाद मंडी परिसर में हड़कंप मचा रहा।















