फतेहपुर: सुन्नी काज़ी-ए-शहर कारी फरीदुद्दीन का निधन बीते रमज़ान माह में हो जाने के बाद यह अहम पद रिक्त चल रहा था। इसी क्रम में आज पनी मोहल्ला स्थित मस्जिद बंदगी मियां में शहर के तमाम उलेमा-ए-कराम की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपसी मशविरा के बाद सर्वसम्मति से आबूनगर निवासी मुफ्ती शहाबुद्दीन को नया सुन्नी काज़ी-ए-शहर चुना गया। इस घोषणा के बाद वहां मौजूद उलेमा और मौलानाओं ने उन्हें फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और नई जिम्मेदारी के लिए मुबारकबाद दी। इस मौके पर उलेमा ने कहा कि काज़ी-ए-शहर का पद केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। काज़ी का दायित्व होता है कि वह शरीयत के अनुसार निकाह, तलाक, फतवा और अन्य धार्मिक मामलों में सही मार्गदर्शन दें, साथ ही समाज में अमन, भाईचारा और इंसाफ कायम रखने में अहम भूमिका निभाएं। नवनियुक्त काज़ी-ए-शहर मुफ्ती शहाबुद्दीन से यह उम्मीद जताई गई कि वह मुसलमानों के हक और उनके सामाजिक-धार्मिक अधिकारों के लिए मजबूती से आगे आएंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान कराने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। साथ ही वे समाज में शिक्षा, एकता और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का कार्य भी करेंगे। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में शहर का मुस्लिम समाज संगठित होगा और धार्मिक मामलों में सही दिशा प्राप्त करेगा।














