अभिनंदन मोर्चा
संवाददाता: मोहम्मद कमर
लखीमपुर खीरी : जनपद में खालेपुरवा गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया, जहां मगरमच्छ के हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना में घायल बालगोविंद पुत्र स्वर्गीय रामकुमार का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। बताया जा रहा है कि बालगोविंद सामान्य दिनचर्या के तहत अपने काम में लगे हुए थे, तभी अचानक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह साहस दिखाते हुए उन्हें मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनका पैर गंभीर रूप से घायल हो चुका था। परिजन और ग्रामीण तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया। बालगोविंद परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा बताए जा रहे हैं। ऐसे में इलाज का खर्च और घर की जिम्मेदारियां दोनों एक साथ सामने आने से परिवार बेहद कठिन स्थिति में पहुंच गया। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक रोमी साहनी बिना देर किए खालेपुरवा गांव पहुंचे। उन्होंने घायल के परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। विधायक ने घायल की पत्नी धनदेवी को इलाज के लिए ₹20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की ताकि उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो। परिवार से बातचीत के दौरान विधायक ने देखा कि घर के बच्चों के पास पर्याप्त कपड़े तक उपलब्ध नहीं हैं। बच्चों की स्थिति देखकर उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए कपड़ों की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त ₹5,000 की सहायता भी दी। विधायक की इस पहल से परिवार को कुछ राहत मिली और ग्रामीणों ने भी उनके इस मानवीय कदम की सराहना की। विधायक रोमी साहनी ने कहा कि किसी भी परिवार पर इस तरह की आपदा आना बेहद दुखद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर आगे भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और प्रशासन से भी आवश्यक सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से क्षेत्र में मगरमच्छों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे खेतों, जलाशयों और नदी किनारे जाने वाले लोगों के सामने खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और वन विभाग नियमित निगरानी करे। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले ऐसी घटनाएं बहुत कम सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही लोगों के लिए चिंता का विषय बन रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी बोर्ड लगाने, निगरानी दल तैनात करने और लोगों को जागरूक करने की भी मांग उठाई है। इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक परिवार को संकट में डाल दिया बल्कि पूरे क्षेत्र को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर सुरक्षा के स्थायी उपाय कितने जरूरी हो गए हैं। फिलहाल गांव के लोग बालगोविंद के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।















