अभिनंदन मोर्चा
संवाददाता: मोहम्मद कमर
लखीमपुर खीरी। जनपद में खाद की कथित कालाबाजारी और किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह बड़ी संख्या में किसान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को निर्धारित दरों पर खाद नहीं मिल रही है। कई स्थानों पर खाद की कथित कालाबाजारी की जा रही है, जिससे किसान परेशान हैं और समय पर फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। भाकियू (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशी ने कहा कि किसानों को खाद खरीदने के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं, इसके बावजूद पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही। उनका आरोप था कि कुछ स्थानों पर खाद की बिक्री तय दरों से अधिक कीमत पर किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय खेती के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिली तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए तथा कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने डीजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि जिले के कई पेट्रोल पंपों पर कैन और गैलन में डीजल देने से मना किया जा रहा है, जिससे खेतों में लगे डीजल चालित पंप, कृषि यंत्र और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेतों तक सीधे वाहन नहीं ले जा सकते, ऐसे में कैन के माध्यम से डीजल ले जाना उनकी मजबूरी होती है। किसानों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तो किसानों को इसकी आपूर्ति में बाधा क्यों उत्पन्न की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तो बाजार में कालाबाजारी जैसी स्थिति क्यों बन रही है और संबंधित विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी की। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे तक प्रदर्शन जारी रहा और खबर लिखे जाने तक किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों से वार्ता की कोशिशों की चर्चा रही, हालांकि आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया। समाचार लिखे जाने तक जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। प्रशासन का आधिकारिक बयान मिलने के बाद समाचार को अद्यतन किया जाएगा।
मुख्य मांगें:
खाद की कथित कालाबाजारी पर तत्काल रोक
किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना
पेट्रोल पंपों पर कैन व गैलन में डीजल वितरण की व्यवस्था स्पष्ट करना
संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान
किसानों का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इसका असर सीधे कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।















