– पत्रकारों के सवालों पर कन्नी काटते रहे प्रभारी मंत्री
फतेहपुर। जिले के प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने केन्द्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए पिछले दिनों संसद में महिलाओं को सम्मान देने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल को गिराने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाओं को सम्मान मिले। उधर तीन वर्ष पूर्व पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू न किए जाने पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों से प्रभारी मंत्री झुंझला गए। कुछ देर के लिए पत्रकारों और मंत्री के बीच हाट टाक होती रही।
सोमवार को प्रभारी मंत्री ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था। लेकिन सपा, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने महिलाओं के सम्मान एवं हित वाले बिल को पारित नहीं होने दिया। विपक्ष के इस रूख ने साबित कर दिया कि वह महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं देना चाहती। यदि विपक्ष सकारात्मक रूख अपनाता तो निश्चित तौर पर महिलाओं को अधिक सम्मान मिलता। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार भी महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के पक्ष में है। महिलाओं को सबसे ज्यादा सम्मान केन्द्र की मोदी सरकार में मिला है। उन्होने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ मोदी ने 2047 में विकसित भारत का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। उन्होने विपक्ष द्वारा महिलाओं के आरक्षण बिल में रोड़ा अटकाने की कड़ी शब्दों में निंदा की। उधर पत्रकारों ने जब प्रभारी मंत्री से पूछा कि 19 सितंबर 2023 अर्थात तीन वर्ष पूर्व महिला आरक्षण बिल जब सदन में पास हो गया था तो इसे लागू न किए जाने के पीछे सरकार की मंशा में खोट दिखता है। इस पर मंत्री जी झल्ला उठे और पत्रकारों से ऐसे सवाल न करने की बात कही। मंत्री ने कहा कि इस बार के संसद सत्र में परसीमन के साथ-साथ महिलाओं की सीटें बढ़ाने की भी सरकार की मंशा थी, जिसे विपक्ष ने पूरा नहीं होने दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान वह विपक्ष को ही कोसते रहे। पत्रकारों द्वारा एनसीआरबी के आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में महिला उत्पीड़न व अपराध में बढ़ोत्तरी होने के मुद्दे पर मंत्री जवाब नही दे सके और यही कहते रहे कि एनसीआरबी के आंकड़ों में प्रदेश में अपराध व महिलाओं के उत्पीड़न में कमी आई है। इस पर पत्रकारों ने कहा कि मंत्री जी यदि आंकड़े गलत बताए जा रहे हैं तो गूगल पर आप देख सकते हैं। इतना ही नहीं पत्रकारों ने प्रेस क्लब/संकुल सूचना के नाम पर आवंटित जमीन पर भाजपा नेता द्वारा बैनामा कर निर्माण कार्य कराए जाने का भी मुद्दा उठाया। इस पर उपस्थित पत्रकारों ने एक स्वर से तत्काल पत्रकारों की जमीन को मुक्त कराने की मांग का समर्थन किया। इस पर मंत्री ने कहा कि वह इस मामले की जांच कराकर पत्रकारों के लिए आवंटित जमीन को वापस दिलाने का काम करेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह पप्पू, पूर्व मंत्री व विधायक जय कुमार सिंह जैकी, पूर्व मंत्री व विधायक राजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक कृष्णा पासवान आदि मौजूद रहे।














