किरण शर्मा
वाराणसी। नगर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘वज्मे साहिती’ द्वारा प्रदान किया जाने वाला ‘रामचंद्र असीम साहित्यिक सम्मान-2026’ इस वर्ष नवगीतकार सुरेंद्र वाजपेई को उनकी चर्चित कृति ‘खेत में महल’ के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन बुधवार सायंकाल सरसौली बाजार स्थित स्व. रामचंद्र असीम के आवास पर किया गया। सम्मान 89 वर्षीय शांति देवी द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर सुरेंद्र वाजपेई को सम्मान पत्र, अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं ₹5000 की सम्मान राशि भेंट की गई। समारोह में उपस्थित साहित्यकारों एवं नगर के प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वर त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन विपिन कुमार द्वारा किया गया। समारोह में विपिन कुमार, विनोद कुमार, विनय कुमार, अमित कुमार, आनंद कुमार, महेंद्र प्रताप सिंह, शिवकुमार पराग, सुमन शेखर, केशव शरण, रामनरेश पाल, चंद्रभूषण सिंह, गौतम अरोड़ा, शंकर आनंद, संतोष कुमार प्रीत, प्रकाश आनंद एवं नंदलाल सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘रामचंद्र असीम साहित्य सम्मान’ का यह दसवां वर्ष है। यह सम्मान वर्ष 2017 में प्रारंभ किया गया था। प्रथम सम्मान स्वर्गीय राजशेखर को उनके गजल संग्रह ‘बोल लहू में डूबी शाम’ के लिए दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2018 में स्वर्गीय मेयार सनेही, 2019 में स्वर्गीय अशोक पाठक, 2020 में जवाहर लाल कौल, 2021 में राम सुथार सिंह, 2022 में नरोत्तम शिल्पी, 2023 में जवाहर शास्त्री, 2024 में अनिरुद्ध त्रिपाठी तथा 2025 में दानिश जमाल सिद्दीकी को सम्मानित किया जा चुका है। कार्यक्रम में आलोक द्विवेदी, अनुरुद्ध प्रसाद त्रिपाठी, रामनरेश भारद्वाज, एस.एन. राय, अरुण कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार, प्रदीप विद्या समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।















