वाराणसी। बहुचर्चित हत्या प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1 वाराणसी ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्तगण हरिश्चन्द्र वर्मा एवं सुशील वर्मा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह मामला अपराध संख्या-300/2016 एवं सत्र परीक्षण संख्या-538/2016 से संबंधित था, जिसमें अभियुक्तों पर धारा 302 एवं 201 भारतीय दण्ड संहिता के तहत आरोप लगाए गए थे।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। विवेचना के दौरान प्रस्तुत शपथपत्र एवं अन्य तथ्यों को लेकर भी न्यायालय ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण अभियुक्तों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस चर्चित मामले में अभियुक्त पक्ष की प्रभावशाली पैरवी वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर अवनीश त्रिपाठी उर्फ बाबू एडवोकेट ने की। उनकी कानूनी दलीलों और तथ्यों की गहन प्रस्तुति को न्यायालय में काफी महत्वपूर्ण माना गया।
न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार अभियुक्तों को व्यक्तिगत मुचलका एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला 13 मई 2026 को सुनाया गया।















