किरन शर्मा
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के बाल रोग विभाग में अव्यवस्था और गंदगी का गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक ओर मासूम बच्चों का इलाज किया जाता है, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी के नल के पास कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। मौके की स्थिति के अनुसार, पानी की टोंटी के पास सड़ा हुआ कचरा, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य अपशिष्ट बिखरे पड़े हैं। मजबूरी में मरीजों के परिजन इसी स्थान से पानी लेने को विवश हैं। दीवारों पर सीलन और फर्श पर गंदगी की परतें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं, जिससे बदबू का माहौल बना रहता है। बाल रोग विभाग में भर्ती बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है। ऐसे में इस तरह की गंदगी ‘टाइफाइड’, ‘हैजा’ और ‘डायरिया’ जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ा सकती है। स्थानीय लोगों और तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल में नियमित साफ-सफाई नहीं होती। एक परिजन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जहां डॉक्टर साफ-सफाई की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल खुद गंदगी का केंद्र बना हुआ है।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो किसी बड़ी बीमारी के फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता। आवश्यक है कि संबंधित अधिकारी तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल परिसर, विशेषकर पीने के पानी के स्थानों की सफाई सुनिश्चित करें, ताकि मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।















