- खोजा रामपुर गांव को जालौन से जोड़ने वाली सड़क बदहाल, रोज हो रहे हादसे
कानपुर देहात। राजपुर बीहड़ पट्टी के खोजा रामपुर गांव से होकर सीमावर्ती जनपद जालौन की सीमा को गुजरने वाले ओवरलोड बालू लदे ट्रकों से सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल कालेज जाने वाले विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। खस्ताहाल सड़क से गुजरने में आये दिन वाहन सवार सड़क पर गिर कर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। बीहड़ पट्टी के खोजा रामपुर गांव की सीमा में जनपद जालौन जाने के लिए यमुना नदी में सरैनी पुल का निर्माण कराया गया है। सरकार द्वारा यह यह पुल बनाने का मकसद बीहड़ पट्टी के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा देना था। लेकिन बगैर उद्घाटन के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पुल पर संचालन शुरू कर दिया गया। इधर बेहमई – खोजा रामपुर में संचालित बालू खनन घाटों से ओवरलोड वाहनों ने इस रास्ते को आमदनी का जरिया बना लिया है। रात दिन ओवरलोड वाहनों के चलने से खोजा रामपुर गांव की करीब 500 मीटर पूरी तरह बदहाल हो गई है। सड़क पर गिटटी उखड़ने से बडे़ बडे़ गड्ढे हो गये है। ऐसे में राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क से सफर कर रहे हैं। खोजा रामपुर गांव के रामकेश सिंह, पुष्पेन्द्र, राम-लखन पाल, राकेश सिंह, रामबाबू निषाद, डौंडियापुर के समाजसेवी पूर्व शिक्षक लालजी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर करीब दो बर्ष पहले पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क पर मरम्मतीकरण कराया गया था। लेकिन ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क फिर से पूरी तरह जर्जर हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारी को शिकायती पत्र देकर गुहार लगाई गई है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जल्द ही वाहनों की रोकथाम नहीं की गई तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन के लिए विवश होगे।















