- गोरखपुर में गरजे कई दलों के नेता, पीएम और सीएम के नाम सौंपा 7 सूत्रीय मांग पत्र*
*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। पूर्वांचल के हक और विकास की आवाज बुलंद करने के लिए ‘पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा’ के बैनर तले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चे ने माननीय प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक 7 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर जनहित से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मोर्चे के दिग्गज नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। अलग राज्य और मुफ्त खाद समेत उठाईं ये प्रमुख मांगें, मोर्चे के नेतृत्वकर्ताओं ने पूर्वांचल के समग्र विकास और आम जनता के शोषण को रोकने के लिए प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं, 1857 के नायक को सम्मान, गोरखपुर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का नामकरण 1857 के महान क्रांतिकारी वीर सम्राट राजा उदित नारायण सिंह के नाम पर किया जाए।
पूर्वांचल अलग राज्य बने क्षेत्र के संतुलित और तीव्र विकास के लिए पूर्वांचल को एक पृथक राज्य का दर्जा दिया जाए।
निवेशकों का पैसा वापस हो: सहारा इंडिया जैसी चिटफंड कंपनियों में फंसी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की गाढ़ी कमाई का तुरंत पूरा भुगतान कराया जाए। अस्पतालों और स्कूलों की मनमानी पर रोक, शहर के निजी नर्सिंग होमों में हो रहे मरीजों के शोषण और निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस पर प्रशासन सख्त नकेल कसे। किसानों को मिले राहत, पूर्वांचल के किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के साथ ही खाद पूरी तरह से मुफ्त दी जाए। भ्रष्टाचार मुक्त देश, सरकारी तंत्र और समाज के हर स्तर से भ्रष्टाचार का पूरी तरह खात्मा किया जाए। इस बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से पीडब्ल्यूए (PWA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजंरगी पांडेय, भारतीय अपना समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन सिंह सूर्यवंशी, और सत्य क्रांति पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष वी. एन. सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के दौरान मोर्चे की एकजुटता साफ दिखाई दी। इस अवसर पर एडवोकेट पिंटू शाही, एडवोकेट अमित सिंह, अवधेश कुमार मिश्रा, भीमसेन सिंह, मोहन मणि त्रिपाठी, इन्द्रधर पांडेय, राजेश सिंह, चिंतामणि पाण्डेय, चंद्रभान निषाद, रघुनाथ उपाध्याय और ठाकुर राणा प्रताप सिंह सूर्यवंशी सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने साफ किया कि यह लड़ाई जनता के अधिकारों की है और वे इसके लिए पीछे नहीं हटेंगे।















