✍️ अभिनंदन मोर्चा
संवावदाता: मोहम्मद कमर
लखीमपुर खीरी। मेडिकल कॉलेज मोतीपुर के डॉक्टरों ने अपनी कुशलता और तत्परता से एक 3 वर्षीय मासूम की जान बचाकर मानवता और चिकित्सा सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चे ने खेल-खेल में 5 रुपये का सिक्का निगल लिया था, जो उसकी भोजन नली (फूड पाइप) में फंस गया। इससे बच्चे को गंभीर परेशानी होने लगी और परिजन घबराकर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने तुरंत बच्चे की जांच शुरू की। डॉ. मनोज शर्मा ने एक्स-रे के माध्यम से सिक्के की सटीक स्थिति का पता लगाया। इसके बाद डॉ. श्वेता वर्मा, डॉ. मनोज शर्मा और स्टाफ नर्स रेखा सैनी की टीम ने अत्याधुनिक दूरबीन (एंडोस्कोपी) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बिना किसी चीरे के सफलतापूर्वक सिक्का बाहर निकाल दिया। करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया। मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सुबह 11 बजे शुरू हुई प्रक्रिया दोपहर 1 बजे सफलतापूर्वक पूरी हुई। बच्चे की हालत अब सामान्य है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
इस सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे टीमवर्क और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बड़ी उपलब्धि बताया। डॉक्टरों की सलाह: छोटे बच्चों को सिक्के, बैटरी, पिन या अन्य छोटी वस्तुओं से दूर रखें, क्योंकि इन्हें निगलने से जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसी घटना होने पर बिना देर किए तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता लें।















