अभिनंदन मोर्चा
संवाददाता: मोहम्मद कमर
लखीमपुर खीरी । मानसून के आगमन से पहले संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। जिले के संवेदनशील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे सुरक्षा एवं बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ निघासन क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर चल रहे बंधा मरम्मत एवं जल निकासी संबंधी कार्यों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील एवं विकास खंड निघासन के अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर के मजरा चन्दनपुरवा पहुंचे, जहां ग्राम पंचायत की ओर से बंधा मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि लगभग 70 मीटर लंबाई में बंधे की मरम्मत का कार्य चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान यह बंधा तीन स्थानों पर कट गया था, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में इसकी मरम्मत कराई जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंधे की ऊंचाई बढ़ाने की मांग भी की ताकि भविष्य में आने वाली बाढ़ के दौरान पानी का दबाव झेलने में यह अधिक सक्षम हो सके। ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने खंड विकास अधिकारी निघासन को निर्देश दिए कि बंधे की ऊंचाई बढ़ाने की संभावनाओं पर तत्काल कार्यवाही की जाए और मरम्मत कार्य को पूरी मजबूती एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रयुक्त सामग्री तथा तकनीकी मानकों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्य केवल औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाए, जिससे मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी ग्राम पंचायत बैलहा के मजरा ठाकुरपुरवा पहुंचे, जहां रपटा पुल के दोनों ओर स्थित बहतिया नाले में सिल्ट सफाई का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर सफाई कार्य की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि बाढ़ के समय नाले में अत्यधिक सिल्ट जमा होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी निघासन को निर्देशित किया कि सिल्ट सफाई का कार्य केवल सीमित क्षेत्र तक न रखकर रपटा पुल के दोनों ओर अधिक लंबाई तक कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नाले की पूरी क्षमता बहाल करना आवश्यक है, ताकि बाढ़ के समय पानी बिना किसी अवरोध के सुगमतापूर्वक निकल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सफाई के दौरान जो मिट्टी और सिल्ट निकाली जा रही है, उसका समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि निकाली गई मिट्टी को नाले के दोनों किनारों पर व्यवस्थित ढंग से डालकर छोटे बंधों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिल सके। इससे भविष्य में नाले के किनारों का कटाव रोकने में भी मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा संबंधी सभी कार्यों को मानसून की सक्रियता बढ़ने से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं बल्कि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है और जहां भी आवश्यक होगा वहां अतिरिक्त सुरक्षा एवं बचाव कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करने तथा कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए क्षेत्र की अन्य समस्याओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया और कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। निरीक्षण कार्यक्रम में भाजपा नेता राज राजेश्वर सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी राजीव कुमार निगम, खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के इस निरीक्षण को बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और उम्मीद जताई कि समय रहते सभी कार्य पूरे होने से आगामी मानसून में क्षेत्र को राहत मिलेगी।















