फतेहपुर। अपर सत्र न्यायाधीष कोर्ट नं0 3 सुभाष चन्द्र मौर्य ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में निचली अदालत द्वारा मुकदमे में बनाये गए अभियुक्तों को दोषमुक्त करार दिये जाने के आदेश के विरूद्ध दाखिल रिवीजन को खारिज करते हुए अवर न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है। विवरण के अनुसार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के यासीनपुर गांव की रहने वाली शहनाज बीबी पत्नी जफर अहमद पुत्री राजा मियां उर्फ इस्लामुल हक ने एसीजेएम कोर्ट नं0 12 की अदालत में दहेज उत्पीड़न का एक मुकदमा अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया था। जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने 14 मार्च 2013 के आदेश में सबूतो के आभाव में अभियुक्त बनाये गए जफर, आलेहसन, सईद फातिमा, इदरीस, पप्पी उर्फ सितारा बानों , अबरार व अफरोज को दोषमुक्त कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ वादिनी शहनाज बीबी ने सेशन कोर्ट में रिवीजन दाखिल करवाया था। इसी मामले की सुनवाई करते हुए विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन व अभियुक्तों के अधिवक्ता अनिल कुमार यादव के तर्को को सुनने के बाद रिवीजन को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।















