फतेहपुर: कृषि भवन सभागार में श्री पवन कुमार मीना, मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें श्री राम जतन मिश्र, उप कृषि निदेशक, अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत प्रथम द्वितीय एवं तृतीय, अधिशाषी अभियन्ता, सिंचाई / निचली गंगा नहर, अग्रणी जिला प्रबन्धक, सहायक अभियन्ता, विद्युत भण्डार गृह, भूमि संरक्षण अधिकारी, रा०जला०, सहायक अभियन्ता, ड्रेनेज खण्ड, गन्ना पर्यवेक्षक, सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं श्री सुरेन्द्र सिंह, श्री सोनू सिंह गौतम, श्री रज्जन तिवारी सहित अन्य कृक्षकगण एवं भारतीय किसान यूनियन तथा किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित हुए।
श्री राम जतन मिश्र, उप कृषि निदेशक द्वारा बैठक का संचालन करते हुए गत बैठक में आयी शिकायतों के अनुपालन के सम्बन्ध में कृषकों को अवगत कराते हुए शासन की लाभार्थी परख योजनाओं की जानकारी देते हुए कृषि निवेश उपलब्धता एवं खरीफ सत्र हेतु बीजों की बुकिंग कराये जाने के सम्बन्ध में कृषकों को अवगत कराते हुए बैठक में उपस्थित कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य रूप से कराये जाने के साथ अन्य कृषकों को भी फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु जागरूक कर उन्हें इस कार्य हेतु प्रेरित कर उनकी फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य रूप से कराये जाने की अपील की गयी, इसके साथ ही खेत बचाव अभियान के अन्र्तगत प्राकृतिक खेती पर आयोजित कार्यशाला दिनांक 19 एवं 20 जून, 2026 जो कि प्रेक्षागृह प्रागंण पर आयोजित है में कृषकों के अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने की अपील की गयी।
डा० रमेश पाठक, जिला उद्यान अधिकारी द्वारा उद्यान विभाग में संचालित विभागीय योजनाओं की नवीनतम कृषि तकनीकी जानकारी कृषकों को दी गयी। इसके साथ ही कृषकों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य एवं प्रस्संकरण उद्यम औपचारिकीकरण योजना के अन्र्तगत लघु उद्यम अनुदान पर प्राप्त कर अपनी आय दोगुनी किये जाने, मुख्यमंत्री फल उद्यान योजना, आर०के०वी०वाई योजना, एकीकृत बागवानी मिशन आदि योजनाओं की विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान कर योजनाओं में अनुमन्य अनुदान एवं उसके लाभ के बारे में बताया गया।
श्री नरोत्तम कुमार, जिला कृषि अधिकारी द्वारा कृषि निवेश, बीज / उर्वरक उपलब्धता वितरण के बारे में कृक्षकों को अवगत कराते हुए बताया गया कि वर्तमान खरीफ सत्र हेतु जनपद में पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता है, समितिवार उर्वरक का प्रेषण कराते हुए जोत के आधार पर नियमानुसार उर्वरक वितरण कराया जायेगा। कृषकों से आवश्यकता / मांग के अनुसार ही उर्वरक क्रय करने एवं उर्वरक का भण्डारण न किये जाने की अपील की गयी।
डॉ जगदीश किशोर, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा खरीफ फसलों की उन्नत व नवीनतम जानकारी के साथ कीट नियंत्रण आदि के बारे कृषकों को विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी।
किसान दिवस में उपस्थित कृषकों के द्वारा ससमय विद्युत आपूर्ति कराये जाने व जर्जर विद्युत तारों को बदले जाने, ऐसे कृषकों के नलकूप हेतु आवेदन जो विद्युत विभाग में लम्बित है उनकी सामग्री को तत्काल दिलाये जाने, नहरों में अनवरत पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जनपद की समस्त समितियों में रोस्टर के अनुसार उर्वरक उपलब्धता को सुनिश्चित कराये जाने की मांग की गयी। कृषकों के द्वारा डीजल की उपलब्धता हेतु जिला पूर्ति अधिकारी को कम से कम आवश्यकता के अनुसार 50 ली० डीजल गैलन में उपलब्धता कराने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किये जाने की मांग की गयी। किसान दिवस बैठक में कृषकों के द्वारा मिलेट्स फसल में बाजरा फसल के विपणन हेतु क्रय केन्द्र स्थापना कराये जाने की मांग की गयी।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा किसान दिवस में उपस्थित कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री को अवश्य कराये जाने अपील की गयी एवं कृषकों को अवगत कराया गया कि भविष्य में फार्मर रजिस्ट्री करा चुके कृषकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त हो सकेगा, आसान ऋण सुविधा के साथ फसल बीमा क्षतिपूर्ति का भुगतान एवं उर्वरक, बीज पर सब्सिडी प्राप्त होगी। फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो जाने से डिजिटल भू-रिकार्ड होने के साथ कागजी कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही किसान दिवस में उपस्थित कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री कैम्प जो कि ग्राम पंचायतवार आयोजित किये जा रहे है उनमें उपस्थित रहकर फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य रूप से कराये जाने की अपील की गयी।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा द्वारा किसान दिवस में उपस्थित समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसान दिवस में कृषकों द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्ता परख निस्तारण मौके पर जाकर करे एवं शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर समस्या का निराकरण करायें तथा जिन शिकायतों का निराकरण तत्काल सम्भव नहीं है उनमें एक टाइम निर्धारित कर कृषकों को अवगत कराकर निर्धारित समय सीमा के अन्दर शिकायतों का निराकरण करायें। इसके साथ कृषकों के फोन को प्रत्येक दशा में रिसीव किये जाए एवं उनके द्वारा बतायी जा रही समस्याओं का संज्ञान लेकर गुणवत्ता परख निस्तारण कराये ताकि कृषकों में असंतोष का भाव व्याप्त न हो।
बैठक के अन्त में उप कृषि निदेशक द्वारा उपस्थित समस्त अधिकारियों व कृषकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अनुमति से किसान दिवस बैठक को समाप्त किया गया।















