फतेहपुर। शनिवार को बिन्दकी तहसील के गांव अलियाबाद निवासी शिक्षामित्र अखिलेश सविता एसआईआर कार्य में बीएलओ के पद पर कार्य कर रहे थे। उनके द्वारा आत्महत्या कर लेने की जानकारी होने के बाद मृतक के परिजनों से मिलने हेतु प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के आवास पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल को मृतक के परिजनों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि मृतक अखिलेश सविता चार बार अपनी पुत्री की शादी का कार्ड लेकर अवकाश हेतु एसडीएम बिन्दकी से मिले परन्तु उसे छुट्टी प्रदान नहीं की गई जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने मृतक के सोसाइट नोट को भी दिखाया जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार चुनाव आयोग को ठहराया है। इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा साढ़े सात लाख रुपए दिया गया है बाकी साढ़े बारह लाख रुपए मुआवजा स्वीकृति के बाद मिलने को कहा है। पूर्ण जानकारी के बाद जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि पारिवारिक स्थिति देखते हुए मुआवजे की रकम नकाफी है। इसलिए वह प्रशासन से मांग करेंगे कि मृतक के आश्रितों को पचास लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। साथ ही मृतक की पत्नी को मृतक के स्थान पर नौकरी दी जाए। प्रदेश प्रतिनिधि मंडल में शहर अध्यक्ष मो0 आरिफ गुड्डा, प्रयागराज अध्यक्ष फ़ुजैल हाशमी, गंगापार अध्यक्ष अशफाक हुसैन, कौशांबी अध्यक्ष गौरव पांडेय, कानपुर महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता, रायबरेली अध्यक्ष पंकज तिवारी, हरिकेश त्रिपाठी कोऑर्डिनेटर प्रतापगढ़, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, जिला उपाध्यक्ष कलीम उल्ला सिद्दीकी, पूर्व अध्यक्ष पप्पू पाल, प्रवक्ता ई0 देवी प्रकाश दुबे, ओम प्रकाश कोरी, बाबर खान, निजामुद्दीन, रामनरेश महाराज, प्रशांत शुक्ला, सुधीश पांडेय, ऋषभ पांडेय, सलीम खान मौजूद रहे।















