- गिहार समाज को जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष तेज होगा: ओम प्रकाश गिहार
फतेहपुर। भारतीय आदिवासी गिहार महासभा की बुन्देलखण्ड स्तरीय बैठक रविवार को शहर स्थित रामा श्यामा मैरिज हाल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलेदार सिंह ने की, जबकि संचालन रामबाबू गिहार ने किया। बैठक में समाज के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से राजेश गिहार को भारतीय आदिवासी गिहार महासभा उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। उनके चयन की घोषणा होते ही उपस्थित लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और संगठन को नई दिशा देने की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश गिहार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और उन्नति की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गिहार समाज को आज भी अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न सरकारों द्वारा लंबे समय से गिहार समाज को जनजाति का दर्जा देने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे समाज के लोगों में निराशा और असंतोष का माहौल है। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए संगठन को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष राजेश गिहार को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से गांव-गांव तक संगठन का विस्तार कर समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में बिखराव होने के कारण राजनीतिक दल भी उसकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसलिए एकता और संगठन की मजबूती समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बैठक के दौरान समाज के हितों, संगठन के विस्तार, युवाओं की भागीदारी, शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक अधिकारों से जुड़े लगभग आठ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। संगठन को मजबूत बनाने तथा समाज की आवाज को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। इस अवसर पर हंसराज गिहार, जिलेदार सिंह, रामशंकर गिहार, सोनू भारती गिहार, धर्मेन्द्र गिहार, अजय सिंह गिहार उर्फ बाबा, नवीन गिहार, जयचन्द्र गिहार, बीरन गिहार, रामबाबू उर्फ गुड्डू गिहार, जयपाल गिहार, गुड़िया गिहार, लाल सिंह गिहार, विशुन गिहार, देवटानी गिहार, आर्मन गिहार, रामसिंह गिहार, विशुनलाल गिहार, विजय गिहार, मनीष गिहार सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।















