फतेहपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट न0 1 मो0 साजिद द्वितीय ने पुलिस द्वारा इंसाफ न दिये जाने पर धारा 173 (4) बी.एन.एस.एस के प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए खखरेरू पुलिस को दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत किये जाने का आदेश दिया है।
खखरेरू थाना क्षेत्र की अढै़या गांव की रहने वाली नथिया देवी ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि वह गांव मे मजदूरी करके अपना व अपने बच्चों का भरण पोषण करती है। गांव का ही हुल्लर उसके साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकते करता रहता है। लेकिन लोकलज्जा के कारण किसी से कुछ नही बताती थी। 18 फरवरी को रात 1 बजे जब वह अपने घर पर सो रही थी। तभी हुल्लर घर में घुस आया और उसका मुंह दबाकर गर्दन में कुल्हाड़ी लगाकर दुष्कर्म किया। इतने में उसकी लड़की साधना देवी उठ गई। उसके शोर मचाने पर मोहल्ले की रनिया देवी व अन्य लोग आ गये। इस पर हुल्लर जान से मारने की धमकी देते हुये भाग गया। इस घटना की सूचना उसी दिन उसने खखरेरू थाने में दिया और लिखित तहरीर दी लेकिन पुलिस ने मुकदमा नही लिखा। पुलिस के टालने पर उसने 21 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मुकदमा लिखे जाने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद भी कोई कारवाई न होने पर नथिया देवी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया । विद्वान मजिस्ट्रेट ने पत्रावली का अवलोकन करने एंव अधिवक्ता के तर्को को सुनते हुये खखरेरू पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना किये जाने का आदेश पारित किया है।















