कानपुर देहात। राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार जारी है। बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को काटकर घायल कर रहे हैं। हाल ही में एक 8 वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसका मांस नोच लिया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। रविवार को कन्हैया नगर निवासी रिहाना ने बताया कि उनकी 8 वर्षीय बेटी रमसा घर के अंदर लघुशंका के लिए जा रही थी। तभी आंगन में बैठे बंदरों ने उस पर हमला कर दिया। एक बंदर रमसा के बाएं हाथ पर लिपट गया और मांस निकाल ले गया। शोर सुनकर मां रिहाना दौड़ीं तो देखा कि बेटी के हाथ से खून बह रहा था। परिजनों ने आनन-फानन में रमसा को राजपुर पीएचसी में भर्ती कराया। वहां मौजूद डॉक्टर मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाया और प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। लोहिया नगर के अनीस सिद्दीकी ने बताया कि बंदरों के डर से बच्चे बाहर खेलने जाने से भी कतराते हैं। मुखर्जी नगर के दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाली एक 60 वर्षीय वृद्धा को बंदरों ने खदेड़कर छत से गिरा दिया था। अंबेडकर नगर के अनीस खान ने चार साल पहले की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ाया था, जिससे वह छत से खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। पटेल नगर के अरशद मंसूरी ने बताया कि उनके इलाके में आधा दर्जन लोगों को बंदर काटकर घायल कर चुके हैं। बंदरों के आतंक से बचने के लिए सुबह टहलने जाते समय महिलाएं और पुरुष हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। राजपुर की ईओ नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक है, उन वार्डों का विवरण तैयार कर वन विभाग को पत्राचार किया जाएगा और जल्द ही बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।















