फतेहपुर। लखनऊ में आयोजित रामकथा के दौरान कथावाचक राम भद्राचार्य द्वारा भारतीय संविधान सभा को लेकर कथित रूप से दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान में संविधान सभा के अधिकांश सदस्यों को “अनपढ़” बताए जाने की बात सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुधाकर अवस्थी ने इस कथित टिप्पणी को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का निर्माण देश के अत्यंत शिक्षित, अनुभवी और विद्वान व्यक्तियों द्वारा किया गया था, जिन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव रखी। अवस्थी ने कहा कि संविधान सभा में अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं, जिनमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव आंबेडकर, के. एम. मुंशी और अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर जैसे महान विद्वान प्रमुख हैं। उनके अनुसार, ऐसे व्यक्तियों की योग्यता और योगदान पर सवाल उठाना ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय ऐतिहासिक तथ्यों की पूरी सावधानी रखी जानी चाहिए, ताकि किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा प्रभावित न हो।
सुधाकर अवस्थी ने कहा— “संविधान सभा पर दिया गया यह बयान पूरी तरह गलत और भ्रामक है, जिससे संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचती है।” इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।















